पता है मम्मा, आज टीचर ने एक नया सबजेक्ट पढ़ाया | उसमे बहुत सारी कहानियाँ भी सुनाई| अच्छी वाली कहानियाँ |मम्मी की अँगुली थामे सात साल की श्रृंखला स्कूल मे आज की सारी गतिविधियाँ एक सांस मे बताती जा रही थी |उस सब्जेक्ट का नाम बताऊँ ... ‘मॉरल साइन्स’ | कविता के एक शब्द बोलने के पहले ही श्रृंखला बोल पड़ी | मिस ने बताया है कि गरीबों की मदद करनी चाहिए , सबसे प्रेम रखना चाहिए |
30.1.19
मोरल साइन्स
पता है मम्मा, आज टीचर ने एक नया सबजेक्ट पढ़ाया | उसमे बहुत सारी कहानियाँ भी सुनाई| अच्छी वाली कहानियाँ |मम्मी की अँगुली थामे सात साल की श्रृंखला स्कूल मे आज की सारी गतिविधियाँ एक सांस मे बताती जा रही थी |उस सब्जेक्ट का नाम बताऊँ ... ‘मॉरल साइन्स’ | कविता के एक शब्द बोलने के पहले ही श्रृंखला बोल पड़ी | मिस ने बताया है कि गरीबों की मदद करनी चाहिए , सबसे प्रेम रखना चाहिए |
22.1.19
यूँ शुरू हुआ लेखन । पार्ट1
लेखन यात्रा, जीवन का एक ऐसा मोड़ है , एक ऐसा पड़ाव है जिससे आप कब अचानक टकरा जाएँ आपको पता ही नहीं चलेगा और इसे आप अपने जीवन की सबसे खूबसूरत घटना मानेंगे यकीनन ।
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बचपन
बचपन की उन शैतानियो को प्रणाम उन खेलों को नमन
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क्या बात है काका...आज बड़े चुप चुप से बैठे हैं...आज पार्क मे घूमने नहीं जाना क्या ?...सुवर्णा ने चाय का प्याला पकड़ाते हुये पूछा ….| नहीं रे...
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न डाकिये की मनुहार न मिट्टी का उपहार
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बचपन की उन शैतानियो को प्रणाम उन खेलों को नमन