आज विश्व गौरैया दिवस है । हमारी प्रिय नन्हीं गौरैया की घटती संख्या चिन्ता का विषय है ..वातावरण में परिवर्तन को इसका जिम्मेदार मानती हूँ । चर्प-चर्प करती ये चिड़िया तो हमारी बचपन की साथी हैं ।अपने बालपन के साथी पर आँच कैसे आने दें ! हमारे बचपन के घर के छत , आँगन , मुड़ेर सब पर इनकी भाग दौड़ लगी रहती थी । अब ये इतनी कम नजर आती हैं कि मन व्यथित हो उठता है....